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22 Sep 2026 · awaraalfaz · 1 मिनट का पाठ
नेल्सन मंडेला: जब तक काम पूरा न हो जाए, वह
चित्र: CC BY 4.0 — Vyacheslav Argenberg · Wikimedia Commons

जब तक काम पूरा न हो जाए, वह

हमेशा असंभव ही लगता है।

— नेल्सन मंडेला

नेल्सन मंडेला की यह प्रसिद्ध पंक्ति — “जब तक काम पूरा न हो जाए, वह हमेशा असंभव ही लगता है” — इंसान की उस शुरुआती घबराहट और अनिश्चितता को बयां करती है जो किसी भी बड़े लक्ष्य को हाथ में लेते वक्त महसूस होती है। मंडेला का विद्रोही और अडिग मिजाज इस बात का गवाह है कि उन्होंने रंगभेद जैसी अमानवीय व्यवस्था के खिलाफ लंबी और कठिन लड़ाई लड़ी। उनके स्वभाव में एक फौलादी धैर्य था, जो यह मानता था कि बड़ी मंजिलें देखने में हमेशा असंभव लगती हैं, लेकिन लगातार किए गए संघर्ष और अटूट विश्वास से उन्हें मुमकिन बनाया जा सकता है। उनकी सोच में नाउम्मीदी के लिए कोई जगह नहीं थी, बल्कि हर मुश्किल हालात में रास्ता तलाशने की जिद थी।

आज के समय में जब युवा पीढ़ी करियर, स्टार्टअप या सामाजिक बदलाव की राह पर चलती है, तो असफलता का डर और भविष्य की अनिश्चितता उन्हें अक्सर रोक देती है। मंडेला की यह पंक्ति वर्तमान संदर्भ में एक अचूक टॉनिक का काम करती है। यह हमें याद दिलाती है कि किसी भी लक्ष्य की शुरुआत में उसका कठिन लगना स्वाभाविक है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि वह काम नामुमकिन है। यह कथन आज के भटकाव भरे दौर में हमें धीरज रखने, अपनी मेहनत पर भरोसा करने और बिना डरे अपने संकल्प पर डटे रहने की प्रेरणा देता है, क्योंकि सफलता का अहसास काम पूरा होने के बाद ही होता है।

नेल्सन मंडेला की चुनी हुई पंक्तियाँ

माफ करना और भूल जाना का मतलब कमजोर होना नहीं, बल्कि मजबूत दिल होना है।
मैंने सीखा है कि साहस का अर्थ डर का न होना नहीं, बल्कि उस पर विजय पाना है।
क्रोध पीना ऐसा है जैसे आप खुद जहर पीकर अपने दुश्मन की मौत का इंतजार कर रहे हों।
महिमा इसमें नहीं है कि हम कभी न गिरें, बल्कि इसमें है कि हर बार गिरने के बाद उठ खड़े हों।
मैं कभी नहीं हारता, या तो मैं जीतता हूँ या सीखता हूँ।
कठिन परिस्थितियों में इंसान या तो टूट जाता है या फिर वह लोहे की तरह मजबूत बनकर उभरता है।
जो व्यक्ति दूसरों की आज़ादी छीन लेता है, वह घृणा की सलाखों के पीछे कैदी बन जाता है।

नेल्सन मंडेला के बारे में

नेल्सन मंडेला (1918–2013) दक्षिण अफ्रीका के महान क्रांतिकारी, राजनीतिज्ञ और देश के पहले अश्वेत राष्ट्रपति थे। उन्होंने रंगभेद नीति के खिलाफ लंबा संघर्ष किया और 27 साल जेल में बिताए। अहिंसा और समानता के उनके संदेश के लिए उन्हें 1993 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पूरा परिचय और सभी विचार: नेल्सन मंडेला — लेखक कोश

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लेखकawaraalfaz

वाह वाह यार की संपादकीय टीम हिंदी में शिक्षा, पैसा-फाइनेंस, बिज़नेस, सरकारी योजनाओं और जीवन से जुड़ी जाँची-परखी जानकारी लिखती है। हर लेख आधिकारिक स्रोतों से मिलाकर और आसान भाषा में तैयार किया जाता है।

प्रकाशित: 22 September 2026 · अपडेट: 22 September 2026 · हमारे बारे में · संपर्क

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