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संत तुकाराम
संत कवि
संत तुकाराम
1608–1650
संत तुकाराम महाराज महाराष्ट्र के एक महान वारकरी संत और कवि थे। उन्होंने भक्ति और समाज सुधार के अपने अद्वितीय अभंगों के माध्यम से जनमानस को जागृत किया। उनका पूरा जीवन विट्ठल की भक्ति और मानवता की सेवा को समर्पित था।
संत तुकाराम का जन्म 1608 में महाराष्ट्र के पुणे जिले के आहुड़ (देहू) गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम बोल्होबा और माता का नाम कनकाई था। वे वारकरी संप्रदाय की परंपरा के प्रमुख स्तंभ थे जिन्होंने जातिगत भेदभाव का कड़ा विरोध किया। उनके द्वारा रचित 'अभंग' मराठी साहित्य और भक्ति आंदोलन की अमूल्य धरोहर हैं। 1650 में उन्होंने सदेह वैकुंठ गमन किया (या उनकी महाप्रयाण तिथि मानी जाती है)। उनके विचार आज भी मानवता को सही राह दिखाते हैं।
संत तुकाराम के अनमोल विचार
जे का रंजले गांजले। त्यासि म्हणे जो आपुलीले। तोचि साधू ओळखावा। देव तेथेचि जाणावा।