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वाह वाह यार पर इस विषय की सभी पोस्ट — नए से पुराने क्रम में।
काव्यमौलाना आज़ाद: सच्चा प्रेम स्वार्थ की सीमाओं को तोड़करसच्चा प्रेम स्वार्थ की सीमाओं को तोड़कर आत्मा को मुक्त कर देता है। — मौलाना आज़ाद21 Oct 2026 पढ़ें →
काव्यअशफ़ाक़उल्ला ख़ान: दिल की उम्मीदों का मौसम अब सुहाना हो गया,दिल की उम्मीदों का मौसम अब सुहाना हो गया, वतन की राह में कुर्बान होना नजराना हो गया। — अशफ़ाक़उल्ला ख़ान20 Oct 2026 पढ़ें →
काव्यख़लील जिब्रान: जो लोग अपनी स्वतंत्रता को त्याग कर सुरक्षाजो लोग अपनी स्वतंत्रता को त्याग कर सुरक्षा चाहते हैं, वे दोनों के योग्य नहीं। — ख़लील जिब्रान19 Oct 2026 पढ़ें →
काव्यमैक्सिम गोर्की: झूठ चाहे कितना भी ताकतवर दिखे, अंततःझूठ चाहे कितना भी ताकतवर दिखे, अंततः सच की रोशनी उसे मिटा देती है। — मैक्सिम गोर्की19 Oct 2026 पढ़ें →
काव्यअल्बर्ट आइंस्टीन: कठिनाइयों के बीच ही अवसर छिपे होते हैं।कठिनाइयों के बीच ही अवसर छिपे होते हैं। 41 — अल्बर्ट आइंस्टीन18 Oct 2026 पढ़ें →
काव्यराजा राममोहन राय: ज्ञान और तर्क की रोशनी से ही अज्ञानताज्ञान और तर्क की रोशनी से ही अज्ञानता के अंधकार को मिटाया जा सकता है। — राजा राममोहन राय18 Oct 2026 पढ़ें →
काव्यज्योतिबा फुले: सत्य के मार्ग पर चलने वाले को हमेशा विरोधसत्य के मार्ग पर चलने वाले को हमेशा विरोध और कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, पर जीत उसी की होती है।…17 Oct 2026 पढ़ें →
पैसा और फाइनेंसबच्चों की पढ़ाई का खर्च और एजुकेशन लोन: पूरी गाइडजानिए बच्चों की पढ़ाई के बढ़ते खर्च से निपटने और एजुकेशन लोन लेने की पूरी प्रक्रिया। विद्या लक्ष्मी पोर्टल, ब्याज दरें और…17 Oct 2026 पढ़ें →
काव्यरूमी: अपनी मोमबत्ती से दूसरी मोमबत्ती जलाने से उअपनी मोमबत्ती से दूसरी मोमबत्ती जलाने से उसकी रोशनी कम नहीं होती, बल्कि और बढ़ती है। — रूमी17 Oct 2026 पढ़ें →
काव्यसिदो-कान्हू: तीर-धनुष केवल शस्त्र नहीं, यह हमारीतीर-धनुष केवल शस्त्र नहीं, यह हमारी अस्मिता और स्वाधीनता का प्रतीक हैं। — सिदो-कान्हू16 Oct 2026 पढ़ें →
पैसा और फाइनेंसपैसा कैसे बचाएँ: मध्यम वर्ग के लिए 15 प्रैक्टिकल तरीकेभारतीय मध्यम वर्ग परिवार के लिए बचत के 15 आसान और प्रैक्टिकल तरीके। जानिए 50-30-20 का नियम, इमरजेंसी फंड, सरकारी योजनाएँ और…16 Oct 2026 पढ़ें →
काव्यफिराक़ गोरखपुरी: बस यादों के निशान बाकी रह जाते हैं।बस यादों के निशान बाकी रह जाते हैं। — फिराक़ गोरखपुरी16 Oct 2026 पढ़ें →