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अज्ञेय
कवि और कथाकार
अज्ञेय
1911–1987
अज्ञेय (सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन) हिंदी साहित्य के महान कवि, कथाकार, निबंधकार और संपादक थे। वे प्रयोगवाद और नई कविता के प्रवर्तक तथा 'तार सप्तक' के यशस्वी संपादक के रूप में अमर हैं।
अज्ञेय का जन्म 7 मार्च 1911 को उत्तर प्रदेश के कसया में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा विभिन्न स्थानों पर हुई क्योंकि उनके पिता पुरातत्व विभाग में थे। उन्होंने क्रांतिकारी आंदोलनों में भी भाग लिया और कुछ समय तक जेल में रहे। वे अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं के प्रकांड विद्वान थे। 'तार सप्तक' के माध्यम से उन्होंने हिंदी कविता को एक नया मोड़ और आधुनिक दिशा दी। 'शेखर: एक जीवनी' और 'अपने-अपने अजनबी' उनके प्रसिद्ध उपन्यास हैं। उन्हें 'कितनी नावों में कितनी बार' काव्य संग्रह पर प्रतिष्ठित भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार मिला। 4 अप्रैल 1987 को उनका देहांत हुआ।
अज्ञेय के अनमोल विचार
मैं रथ का टूटा हुआ पहिया हूँ, फिर भी मैं फेंकता नहीं हूँ।