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फ़नीश्वरनाथ रेणु
आंचलिक कथाकार
फ़नीश्वरनाथ रेणु
1921–1977
फणीश्वरनाथ 'रेणु' हिंदी के शीर्षस्थ आंचलिक कथाकार थे। उनका जन्म 4 मार्च 1921 को बिहार के औराही हिंगना गाँव में हुआ था। 'मैला आँचल' उपन्यास लिखकर उन्होंने हिंदी साहित्य में आंचलिक उपन्यासों की नींव रखी।
फणीश्वरनाथ 'रेणु' आधुनिक हिंदी साहित्य के सबसे महत्वपूर्ण और लोकप्रिय कथाकारों में गिने जाते हैं। उन्होंने ग्रामीण भारत की जीवंत, यथार्थवादी और संस्कृति से परिपूर्ण तस्वीरें अपनी रचनाओं में उकेरीं। 'मैला आँचल' और 'परती परिकथा' उनके प्रसिद्ध उपन्यास हैं, जिन्होंने आँचलिकता को एक नई पहचान दी। वे साहित्य के साथ-साथ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और नेपाल के लोकतांत्रिक आंदोलन में भी सक्रिय रहे। भारत सरकार ने उन्हें उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिए 'पद्मश्री' से सम्मानित किया था। 11 अप्रैल 1977 को पटना में उनका निधन हुआ, किंतु उनकी कहानियाँ आज भी जीवित हैं।
फ़नीश्वरनाथ रेणु के अनमोल विचार
मैला आँचल हिंदी का सबसे लोकप्रिय और पहला पूर्ण आंचलिक उपन्यास माना जाता है।