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Bewafa Shayari

75+ बेवफा शायरी — Bewafa Shayari in Hindi

धोखा और बेवफाई पर। नीचे दी गई हर शायरी को एक क्लिक में कॉपी करके स्टेटस पर लगाइए।

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तेरी आँखों में वफ़ा का जो नशा देखा था
हमने बर्बाद उसी ख़्वाब पे घर अपना किया
गैरों से गिला क्या करें जब अपनी ही छाँव ने
धूप के शहर में हमको अकेला छोड़ दिया
बदलते मौसम की तरह उसने बदल डाली नज़र
और हम ही पागल रहे जो उसकी कसम खाते रहे
तेरी हर बात पे दिल ओ जाँ से यक़ीन किया था
तूने तो मेरे यक़ीन का भी तमाशा कर दिया
महलों के ख्वाब दिखाकर वो हमें ले गया वहाँ
जहाँ से वापसी का कोई रास्ता नहीं मिलता
तुमने तो कह दिया कि तुम्हारी ख़ता ही नहीं
अब इस दिल को समझाएँ कि हम बेवफ़ा नहीं
तेरे जाने का गम नहीं, गम इस बात का है
तूने गैरों के लिए हमको सरेआम बेचा
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शिकवा करें भी तो किससे करें इस दुनिया में
यहाँ हर शख्स किसी न किसी का कातिल है
तेरी यादों के दिए हम जलाए बैठे हैं
और तू किसी और की महफ़िल में रौशनी है
वो जो कहते थे कि हम सिर्फ तुम्हारे हैं
आज गैरों की बाहों में मुस्कुरा रहे हैं
वफ़ा का सिला हमको ये उम्र भर मिला
जख्म अपनों ने दिए और गैरों ने मरहम लगाया
तेरी निगाहों के तीर का निशाना हम ही क्यों बने
शहर में तो और भी बहुत से गुनहगार थे
हमने तो अपनी जान भी हथेली पे रख दी थी
और उसे हमारी जान की जरा भी परवाह न थी
तेरे जाने के बाद ये शहर भी वीरान लगता है
जैसे इस बस्ती में कोई हमारा कभी था ही नहीं
उसने महफ़िल में हमें यूँ नजरअंदाज किया
जैसे हम उसके कभी बेहद करीब हुआ करते थे
तेरी बेवफ़ाई का दर्द अब दवा बनता नहीं
ये जख्म पुराना है अब और हरा होता नहीं
हमने खुद को मिटा दिया तेरी एक खुशी के लिए
और तूने हमें भुला दिया एक पल की हँसी के लिए
तेरी चौखट पे जो हमने सर झुकाया था कभी
आज उसी रास्ते से गुजरने से डर लगता है
वो जो कहते थे कि हम बिछड़ेंगे तो मर जाएंगे
आज हमारे जनाजे पर भी नजर नहीं आए
तेरी बातों के फरेब में कुछ इस तरह आए
कि अपनी ही परछाई से नजरें चुराने लगे
वफ़ा के रास्ते पर अकेले ही निकल पड़े थे हम
मंजिल तो न मिली, बस रास्ते में धोखा मिला
तेरी आँखों के समंदर में जो डूबे थे कभी
आज तेरी बेरुखी के रेगिस्तान में भटक रहे हैं
हमने तो सिर्फ मोहब्बत की थी, कोई जुर्म नहीं
फिर क्यों सजा-ए-बेवफ़ाई हमको ही मिली
तेरे दिए हुए जख्मों को सीने से लगाए बैठे हैं
लोग पूछते हैं कि मुस्कुरा क्यों नहीं लेते
तेरी हर एक अदा पर जान छिड़कते थे जो
आज तेरी सादगी से भी डरने लगे हैं
वफ़ा की उम्मीद में हम सारी ज़िंदगी लुटा बैठे
और वो मुस्कुराकर बोले कि हमने कब कहा था ठहरने को
बहुत शौक़ था उन्हें नए-नए हमसफ़र बनाने का
हमारी राहें क्या जुदा हुईं वो रास्ता ही भूल गए
तेरे बदलने का दुख नहीं है मुझे ज़रा भी
मलाल तो ये है कि मैंने तुझ पर सबसे ज़्यादा ऐतबार किया था
जो कभी कहते थे कि धड़कन हो तुम हमारी
आज बग़ैर हमारे उनका दिल बड़े आराम से धड़कने लगा है
मोहब्बत की अदालत में हम भी गुनहगार निकले
सज़ा मिली उसे चाहने की जो कभी हमारा था ही नहीं
ख़रीद सकते तो अपनी बची हुई ज़िंदगी बेच देते
मगर अफ़सोस कि बाज़ार में वफ़ा की कोई क़ीमत नहीं होती
तुमने तो बस एक पन्ना बदला था अपनी किताब का
यहाँ तो हमारी पूरी कहानी ही अधूरी रह गई
जो कभी रोते थे मेरी ज़रा सी तकलीफ़ देखकर
आज वो चुपचाप तमाशा देखते हैं मेरी बर्बादी का
वफ़ा की राह में वो मोड़ भी आया आख़िरकार
जहाँ उसने हाथ छुड़ाया और पूछा कि तुम कौन हो
शीशा टूटे तो आवाज़ लाजमी है होना जहाँ में
पर जब दिल टूटता है तो बस ख़ामोशी छा जाती है
ज़ख्म देने वाले ने मरहम भी ऐसा लगाया ज़ख्म पर
कि दर्द तो कम न हुआ पर ज़ख्म और गहरा होता गया
हमने तो दी थी वफ़ा की हर दलील उसे रो-रोकर
पर उसे तो आदत थी हर बात से मुकर जाने की
चेहरे पर झूठी हँसी और आँखों में नमी रखते हैं
हम आज भी दिल में उनकी यादों की कमी रखते हैं
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सोचा था वो संभालेगा मुझे हर तूफ़ान में आकर
पर वो तो ख़ुद ही कश्ती डुबोने का बहाना ढूँढ रहा था
बहुत गुरूर था हमें उनकी सच्ची मोहब्बत पर कभी
वक़्त ने ऐसा करवट बदला कि उनका चेहरा ही बदल गया
अब कोई शिकवा नहीं है उनकी इस बेवफ़ाई से
क्योंकि अब इस दिल को आदत हो गई है तन्हाई से
जो कहते थे कि मर जाएँगे तुम्हारे बग़ैर एक पल
आज वो किसी और के साथ जीने की दुआ माँगते हैं
काँच के खिलौने की तरह तोड़ दिया दिल मेरा उसने
और मुस्कुराकर बोले कि ये तो बस एक खिलौना था
वफ़ा का सिला उसने कुछ इस तरह दिया हमें
कि भरी महफ़िल में हमें ही बेवफ़ा करार दिया उसने
हमने तो अपनी पूरी उम्र गुज़ार दी उनके साए में
पर वो तेज़ धूप आते ही अपना रास्ता बदल गए
दिल लगाने की सज़ा कुछ इस तरह पाई है हमने
आँखों में आँसू और होठों पर ख़ामोश तन्हाई है
ख़्वाब जो सजाए थे तुमने आँखों में मेरी कभी
वो आज अश्क बनकर बह रहे हैं गालों पर मेरे
कभी फुर्सत मिले तो सोचना ज़रूर इस बारे में
कि क्या सचमुच मैं ग़लत था या तुम्हारी नीयत बदल गई थी
जिन चिराग़ों को तेज़ हवा से बचाया था हमने रातभर
आज उन्हीं चिराग़ों ने हमारा आशियाना जला दिया
अब मत खोलना मेरी गुज़री हुई ज़िंदगी की किताब को
जो वफ़ादार थे वो रहे नहीं और जो रहे वो वफ़ादार नहीं
हमने तो सिर्फ सादगी से इश्क़ निभाया था
तुमने हर मोड़ पे कोई नया फरेब सजाया था
अब तेरी यादों से भी डर लगने लगा है हमें
तूने जख्म ऐसा दिया जो कभी नहीं भरेगा हमें
कांच के टुकड़ों की तरह बिखरे हैं हम आज
और वो गैरों की बाहों में मना रहे हैं राज
वादा किया था साथ निभाने का उम्र भर का
और साथ छोड़ दिया उसने जरा सी बात पर का
तेरी शख्सियत में बेवफाई कूट-कूट कर भरी थी
और मेरी सादगी ही मेरी सबसे बड़ी भूल रही थी
रात भर जागकर जिसकी तस्वीर को निहारा करते थे
वो शख्स आजकल किसी और का होने का इशारा करते थे
महफिल में जो कहते थे कि हम सिर्फ तुम्हारे हैं
वो आज किसी और के गले का हार बने बैठे हैं
तेरी बेवफाई का जिक्र जब कभी शहर में होगा
सबसे पहला नाम तेरा ही इस फेहरिस्त में होगा
हमने तो अपनी पलकों पर बिठाया था तुझको
तूने ही बदनसीब समझकर ठुकराया हमको
तेरी महफिल से उठे तो खुद को संभाला हमने
वरना तेरे धोखे ने तो तोड़ डाला था हमको
तूने तो सिर्फ खेल समझा था मेरे जज्बातों से
वरना हम तो महरूम न थे तेरी इन बातों से
अब किसी पर भी ऐतबार करना मुमकिन नहीं
इस दिल को तूने इस कदर तोड़ दिया है कहीं
रास्ते अलग हुए तो चेहरे भी बेनकाब हो गए
जो अपने थे कल तक, आज वो गैर हिसाब हो गए
तेरी हर अदा में कोई नया धोखा छुपा होता था
और मेरा दिल सादा हर बार उस पर फिदा होता था
हमने तो वफ़ा के दीये जलाए थे रातों में
तूने आग लगा दी हमारी इन बातों में
अश्कों के समंदर में डूब कर भी जिंदा हैं हम
तेरी बेवफाई के बाद भी शर्मिंदा नहीं हैं हम
तूने समझा था कि हम बिखर जाएंगे तेरे जाने से
अब रूह भी खुश है तेरी इस बेरुखी के बहाने से
तेरे वादों की तरह मौसम भी बदल गया आसानी से
हमने उम्र गुजार दी एक ही पुरानी कहानी में
अब तेरी याद भी आए तो दिल दुखाती नहीं है
बेवफाई तेरी अब हमें रुलाती नहीं है
शिकवा करें भी तो किससे करें इस जमाने में
सब अपने ही लगे हुए हैं दिल को दुखाने में
तेरी जुदाई का गम अब आदत बन गया है
बेवफा तेरा चेहरा मेरी इबादत बन गया है
हमने तो अपनी जिंदगी तेरे नाम कर दी थी
तूने एक पल में हमारी हर खुशीलाम कर दी थी
आईना देख कर खुद से नजरें चुराते हैं हम
तेरी बेवफाई के किस्से अब किसे सुनाते हैं हम
तूने जो जख्म दिया है वो लाइलाज हो गया है
तेरे जाने के बाद मेरा खुदा नाराज हो गया है
अब और क्या कहें तेरी इस बेवफाई के किस्से पर
नाम भी नहीं आता अब हमारा तेरी किसी दुआ पर

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बेवफा शायरी क्या है?

बेवफा शायरी वह शायरी है जो धोखा और बेवफाई पर लिखी जाती है। इस पेज पर 75+ मौलिक शायरी एक जगह हैं।

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