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हिंदी-उर्दू के मशहूर कवियों की चुनी हुई पंक्तियाँ, शेर और दोहे।
काव्यस्वामी सहजानंद सरस्वती: भूखे पेट ईश्वर की भक्ति नहीं होती, पीड़ितभूखे पेट ईश्वर की भक्ति नहीं होती, पीड़ित किसान को रोटी दिलाना ही असली पूजा है। — स्वामी सहजानंद सरस्वती19 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यमीराबाई: हरी तुम हरो जन की पीर, द्रौपदीहरी तुम हरो जन की पीर, द्रौपदी की लाज राखी, आप बढ़ायो चीर। — मीराबाई19 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यअज्ञेय: जो नहीं हो सका पूर्ण, उसे भी पूर्ण समझो;जो नहीं हो सका पूर्ण, उसे भी पूर्ण समझो; अधूरापन ही तो जीवन का सौंदर्य है। — अज्ञेय18 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यअल्लामा इक़बाल: न पूछ इन मदरसा-वालों से मक़्सूद-ए-सबक़ क्यन पूछ इन मदरसा-वालों से मक़्सूद-ए-सबक़ क्या है, ये बेचारे तो इल्म-ए-बे-हुनर की जुस्तजू में हैं। — अल्लामा इक़बाल18 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यरहीम ख़ानेख़ाना: रहिमन ओछे नरन ते, बैर भलो ना नाइ। छाँड़ेरहिमन ओछे नरन ते, बैर भलो ना नाइ। छाँड़े ड़े काटै क्यौं भलो, काटे चाटे काइ॥ — रहीम ख़ानेख़ाना17 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यशरतचंद्र चट्टोपाध्याय: उपेक्षित और ठुकराए गए लोगों के आंसूउपेक्षित और ठुकराए गए लोगों के आंसू पोंछना ही सबसे बड़ा साहित्यकर्म है। — शरतचंद्र चट्टोपाध्याय17 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यफ़ैज़ अहमद फ़ैज़: जो रोशनी थी मिरे घर के आस-पास न थीजो रोशनी थी मिरे घर के आस-पास न थी — फ़ैज़ अहमद फ़ैज़16 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यमहात्मा गांधी: मेरा जीवन ही मेरा संदेश है, और यही सत्य केमेरा जीवन ही मेरा संदेश है, और यही सत्य के प्रति मेरी सबसे बड़ी निष्ठा और साधना है। — महात्मा गांधी16 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यकेदारनाथ अग्रवाल: सच्चा दोस्त वही है जो विपत्तिसच्चा दोस्त वही है जो विपत्ति के समय अकेला न छोड़े। — केदारनाथ अग्रवाल15 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यजयशंकर प्रसाद: मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है, परमनुष्य अपने भाग्य का निर्माता स्वयं है, पराजय को स्वीकार कर लेना सबसे बड़ा और घातक अपराध होता है। — जयशंकर प्रसाद15 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यसुमित्रानंदन पंत: सत्य अహిंसा का आलोक, भर दे जग में नया विश्सत्य अహిंसा का आलोक, भर दे जग में नया विश्वास, मिटे दूर हो सारे शोक, हो सबका हित का प्रकाश। — सुमित्रानंदन…14 Sep 2026 पढ़ें →
काव्यहजारीप्रसाद द्विवेदी: जो लोग इतिहास की धारा को मोड़नाजो लोग इतिहास की धारा को मोड़ना चाहते हैं, वे खुद बह जाते हैं। — हजारीप्रसाद द्विवेदी14 Sep 2026 पढ़ें →